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जन्मदिन पर बदली परंपरा: पत्रकार सचिन कुमार ने केक नहीं काटा, बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर शुरू की ‘हरियाली मुहिम’, लगाए 15 पौधे

बांदा की बढ़ती गर्मी को देखते हुए लिया हर वर्ष 15–25 पौधे लगाने का संकल्प, युवाओं से भी पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने की अपील

*जन्मदिन पर बदली परंपरा: पत्रकार सचिन कुमार ने केक नहीं काटा, बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर लगाए 15 पौधे*

 

बांदा की बढ़ती गर्मी को देखते हुए शुरू की हरियाली की मुहिम, युवाओं को दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

 

बांदा। आज के दौर में जहां जन्मदिन का मतलब केक काटना, पार्टियां और दिखावा बनता जा रहा है, वहीं युवा पत्रकार सचिन कुमार ने अपने जन्मदिन को सेवा, संस्कार और प्रकृति संरक्षण से जोड़कर एक नई मिसाल पेश की।

 

उन्होंने अपने जन्मदिन की शुरुआत सबसे पहले माता-पिता और परिवार के बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर की। इसके बाद अपने इष्ट मित्रों के साथ हरियाली की अलख जगाने के उद्देश्य से पौधरोपण अभियान की शुरुआत की। बांदा में लगातार बढ़ती गर्मी और घटते हरित क्षेत्र को देखते हुए उन्होंने इस वर्ष से भविष्य में केक न काटने का संकल्प लिया और उसकी जगह 15-25 पेड़ प्रत्येक वर्ष लगाने का संकल्प लिया और प्रकृति को अपना जन्मदिन समर्पित कर दिया।

 

इस दौरान नीम, शीशम, बेल,जामुन चमेली, गुलाब, अमरूद, नींबू सहित कई औषधीय, छायादार और फलदार पौधों का रोपण किया गया। सचिन कुमार ने कहा कि “जन्मदिन पर कुछ घंटों की खुशियां मनाने से बेहतर है कि ऐसा कार्य किया जाए, जिसका लाभ आगामी पीढ़ियों को भी मिले। एक पौधा सिर्फ पेड़ नहीं, बल्कि स्वच्छ हवा, जीवन और भविष्य की उम्मीद है।”

 

इस पौधरोपण अभियान में उनके इष्ट मित्र अजय कुर्मी, रोहित कुर्मी, राजू यादव और पप्पू कुर्मी ने भी पूरे उत्साह के साथ सहभागिता निभाई। सभी ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया और लोगों से अपील की कि वे भी अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ या अन्य शुभ अवसरों पर पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें।

 

पत्रकार सचिन कुमार और उनके इष्ट मित्रों ने संकल्प लिया की यह पहल केवल जन्मदिन मनाने का एक अनोखा तरीका नहीं, बल्कि समाज को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराने वाला प्रेरणादायक संदेश भी है। यह संदेश देता है कि “केक की मिठास कुछ पल की होती है, लेकिन एक पौधे की हरियाली आने वाली पीढ़ियों तक जीवन देगी।”

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