सरकार के नव वर्ष पूरे होने पर पशुपालन कार्यशाला आयोजित
डॉ वैस बोले— पशुपालन ही उन्नति का मजबूत आधार, जैविक खेती पर भी दिया जोर

आर. बी. विश्वकर्मा
सह संपादक दमदार टीवी न्यूज
21 मार्च 2026 (शनिवार)
बांदा – सरकार के नव वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में पशुपालन विभाग द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पशुपालकों ने भाग लिया और विभागीय योजनाओं व आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जैविक किसान आलोक कुमार ने किसानों को जहर मुक्त खेती के गुर सिखाते हुए कहा कि जैविक खेती को अपनाकर किसान न केवल स्वास्थ्यवर्धक उत्पादन कर सकते हैं, बल्कि इसे रोजगार का सशक्त साधन भी बना सकते हैं।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ शिवकुमार वैस ने कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसे उद्योग के रूप में अपनाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित नंदिनी डेयरी योजना सहित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ रमेश कुमार यादव ने पशुओं के संतुलित आहार, देखभाल और विभिन्न रोगों से बचाव के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं ग्राम विकास फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं जीव जंतु कल्याण बोर्ड के सदस्य डॉ अनिल शर्मा ने गोबर से वर्मी कम्पोस्ट, जीवामृत एवं घनजीवामृत जैसे उत्पाद तैयार कर जैविक खेती को बढ़ावा देने और अतिरिक्त आय अर्जित करने के तरीके बताए।
कार्यक्रम में लगभग 200 महिला एवं पुरुष पशुपालकों की सहभागिता रही। इस दौरान डॉ रविंद्र सिंह राजपूत, डॉ धीरेंद्र सिंह, डॉ महेंद्र सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
अंत में उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ रामनरेश उमराव ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।




