क्राइमटॉप न्यूज़देशहिमाचल प्रदेश

शिमला में दलित छात्र से बर्बरता: शिक्षकों ने पैंट में डाला बिच्छू, तीन गिरफ्तार

शिक्षकों ने दलित बच्चे की पेंट में डाला बिच्छू, शिक्षक गिरफ्तार।

🟥 शिमला में दलित छात्र से बर्बरता: शिक्षकों ने पैंट में डाला बिच्छू, तीन गिरफ्तार

शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला ज़िले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। रोहरू उपमंडल के खड्डापानी क्षेत्र स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में आठ वर्षीय दलित बच्चे को प्रताड़ित करने, पीटने और उसकी पैंट में जिंदा बिच्छू डालने का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है।

पुलिस ने बच्चे के पिता की शिकायत पर स्कूल के प्रधानाचार्य देवेंद्र, शिक्षक बाबू राम और शिक्षिका कृतिका ठाकुर के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर तीनों को गिरफ़्तार कर लिया है।

🔹 लगातार मारपीट और जातिगत उत्पीड़न

शिकायत में कहा गया है कि ये तीनों आरोपी पिछले एक वर्ष से बच्चे को बार-बार पीटते रहे। अत्याचार इतना बढ़ गया कि बच्चे के कान से खून बहने लगा और उसका कान का पर्दा फट गया। एक दिन शिक्षकों ने उसे स्कूल के शौचालय में ले जाकर उसकी पैंट में बिच्छू डाल दिया।

🔹 धमकी देकर कराया चुप

बच्चे के पिता ने बताया कि शिक्षकों ने बेटे को धमकाया कि अगर उसने घर जाकर कुछ बताया तो उसे पुलिस में फँसा देंगे। प्रधानाचार्य ने 30 अक्टूबर को बच्चे को स्कूल से निकालने और परिवार को जलाने की धमकी भी दी थी।

🔹 स्कूल में जातीय भेदभाव का आरोप

पीड़ित परिवार ने यह भी कहा कि स्कूल में जातिगत भेदभाव आम है। राजपूत बच्चों को अलग और दलित व नेपाली बच्चों को अलग बैठाकर भोजन कराया जाता है। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि शिक्षिका कृतिका ठाकुर के पति नितीश ठाकुर एक वर्ष से गैरकानूनी रूप से स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहे हैं, जबकि वह स्वयं अपनी ड्यूटी नहीं निभा रही हैं।

🔹 गंभीर धाराओं में मामला दर्ज

पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएँ 127(2) (अवैध कैद), 115(2) (जानबूझकर चोट पहुँचाना), 351(2) (आपराधिक धमकी) और 3(5) (साझे इरादे से अपराध) के तहत केस दर्ज किया है। इसके अलावा बाल न्याय अधिनियम और अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की गंभीर धाराएँ भी लगाई गई हैं।

🔹 क्षेत्र में पहले भी हुई घटनाएँ

यह पहला मामला नहीं है। हाल ही में गवाना क्षेत्र के सरकारी स्कूल में शिक्षक द्वारा छात्र को कांटेदार झाड़ी से पीटने पर उसे निलंबित किया गया था। वहीं लिमडा गाँव में 12 वर्षीय दलित छात्र ने आत्महत्या कर ली थी जब ऊँची जाति की महिलाओं ने उसे गोशाला में बंद कर दिया था।

🔸 प्रशासन ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने भी आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!