डढ़वामानपुर में ‘विकास’ के नाम पर करोड़ों की बंदरबांट, घटिया निर्माण ने खोली पोल
सीसी रोड से लेकर चेकडैम तक हर काम पर सवाल, बिना सूचना पट्ट के खेल—ग्रामीणों में आक्रोश

रामबाबू विश्वकर्मा
सह संपादक दमदार टीवी न्यूज
फतेहगंज (बांदा): नरैनी ब्लॉक के ग्राम पंचायत डढ़वामानपुर में विकास कार्य अब खुलकर सवालों के घेरे में हैं। करोड़ों रुपये की योजनाओं में जमकर धांधली के आरोप लग रहे हैं और जिम्मेदारों की चुप्पी पूरे मामले को और संदिग्ध बना रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सीसी रोड निर्माण में खुलेआम मानकों की धज्जियां उड़ाई गईं। बालू की जगह मोरम, क्रेशर डस्ट और पत्थर डालकर सड़कों को महज दिखावे का बना दिया गया। हालत यह रही कि एक बोरी सीमेंट में करीब 15 गुना बालू मिलाकर निर्माण कराया गया—जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। झिरना नई दुनिया, लीला खैरगर के पुरवा और चौकी घाट जैसे कई स्थानों पर यही खेल दोहराया गया।
इतना ही नहीं, कडैली नदी और उससे जुड़े नालों में बनाए गए चेकडैम और रपटा निर्माण भी सवालों के घेरे में हैं। गड़ग्वाडा घाट, बिलरिया मठ, पुरानी चौकी घाट और बवादा घाट संपर्क मार्ग जैसे स्थानों पर हुए निर्माण को ग्रामीण “कागजों का विकास” बता रहे हैं। आरोप है कि यहां भी घटिया सामग्री लगाई गई और अवैध खनन की मोरम का इस्तेमाल किया गया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि किसी भी निर्माण स्थल पर सूचना पट्ट तक नहीं लगाए गए। न लागत का पता, न ठेकेदार का नाम, न समयसीमा—ऐसे में पारदर्शिता का दावा पूरी तरह खोखला नजर आ रहा है। सवाल उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में यह खेल चल रहा है?
ग्राम प्रधान रमेश वर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि मोरम पंचायत की गौशाला भूमि से निकाली गई है, लेकिन ग्रामीण इस दावे को सिरे से खारिज कर रहे हैं और इसे अवैध खनन करार दे रहे हैं।
गुस्साए ग्रामीणों ने तकनीकी जांच समिति (TAC) से निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और सरकारी धन की रिकवरी की मांग की है। उनका साफ कहना है—अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला बड़ा घोटाला बनकर सामने आएगा।




