तिंदवारी में विश्वकर्मा पूजन महोत्सव धूमधाम से संपन्न।
काली मंदिर सभागार में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़।

सह संपादक – रामबाबू विश्वकर्मा
तिंदवारी (बांदा)। जिले के तिंदवारी नगर स्थित काली मंदिर सभागार में मंगलवार को विश्वकर्मा समाज के तत्वावधान में भव्य विश्वकर्मा पूजन महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कन्याभोज एवं भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
महोत्सव के अंतर्गत काली माता मंदिर में जवाबी कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र का माहौल भक्तिमय बना दिया। कीर्तन में शामिल होने के लिए तिंदवारी कस्बे के अलावा आसपास के गांवों से भी लोग बड़ी संख्या में पहुंचे।
इस अवसर पर डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि हिंदू धर्म में विश्वकर्मा पूजन का विशेष महत्व है। हर वर्ष 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा जयंती के रूप में मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के प्रथम शिल्पकार और सृजन के देवता माने जाते हैं। जब ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की, तो उसे सजाने-संवारने का कार्य भगवान विश्वकर्मा ने किया था।
कार्यक्रम में डॉ. पुष्पेंद्र, डॉ. लोकनाथ, कमल विश्वकर्मा, नंदकिशोर विश्वकर्मा, सुशील विश्वकर्मा, विजय करण विश्वकर्मा, लक्ष्मण प्रसाद विश्वकर्मा, शिव प्रताप राजकरण, रमेश सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।




