नौहाई गांव में नारी शक्ति का महाकुंभ: वीरांगना अवंती बाई लोधी को श्रद्धांजलि
महिलाओं ने लिया सशक्तिकरण का संकल्प

आर. बी. विश्वकर्मा
सह संपादक दमदार टीवी न्यूज
बांदा। जनपद के नौहाई गांव में जन अधिकार पार्टी के तत्वाधान में वीरांगना महारानी अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस पर भव्य नारी शक्ति सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और कार्यकर्ताओं की भागीदारी रही।
मुख्य अतिथि का ओजस्वी संबोधन
सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं श्रीमती शिवकन्या कुशवाहा ने वीरांगना अवंती बाई के साहस और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन आज की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने महिलाओं से समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
नारी शक्ति जागरण का संदेश
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज भी महिलाएं असुरक्षा, भेदभाव और अशिक्षा जैसी चुनौतियों का सामना कर रही हैं। ऐसे में इस प्रकार के सम्मेलन महिलाओं को जागरूक करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिलाने पर जोर
उन्होंने कहा कि जब तक महिलाओं को समान अधिकार और अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक समाज और देश का वास्तविक विकास संभव नहीं है। महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में बराबरी का स्थान मिलना चाहिए।
जन अधिकार पार्टी की नीतियों पर प्रकाश
मुख्य अतिथि ने कहा कि जन अधिकार पार्टी सत्ता के विकेंद्रीकरण और आम जनता के अधिकारों के लिए संघर्षरत है। पार्टी महिलाओं को सिर्फ आरक्षण नहीं, बल्कि शिक्षा, सुरक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
किसान, गरीब और वंचित वर्ग के उत्थान की बात
सम्मेलन में किसानों, श्रमिकों और वंचित वर्ग के अधिकारों पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि रानी अवंती बाई के संघर्ष की तरह ही जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए पार्टी लगातार प्रयासरत है।
संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिलाओं और कार्यकर्ताओं ने वीरांगना के पदचिह्नों पर चलने, सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाने और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया।
नारी सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
यह सम्मेलन नारी शक्ति के सम्मान, जागरूकता और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे समाज में महिलाओं की भागीदारी और भूमिका को और मजबूती मिलेगी।




