Uncategorizedमध्य प्रदेश

सेवा की रोशनी बुझी, पर प्रेरणा अमर पद्मश्री डॉ. बी.के. जैन को चित्रकूट में दी गई श्रद्धांजलि

सेवा की रोशनी बुझी, पर प्रेरणा अमर

रामबाबू विश्वकर्मा

सह संपादक दमदार टीवी न्यूज 

चित्रकूट। नेत्र चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में देश-विदेश में पहचान बनाने वाले पद्मश्री सम्मानित चिकित्सक डॉ. बी.के. जैन को चित्रकूट में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। उनकी स्मृति में जानकी कुंड स्थित रघुवीर मंदिर परिसर में आयोजित महाप्रसाद (भंडारा) कार्यक्रम में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। संत-महंत, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, ट्रस्ट के सदस्य और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने नम आंखों से उन्हें याद किया।
डॉ. जैन का 27 फरवरी 2026 को चित्रकूट में निधन हो गया था। उनके निधन की खबर से चिकित्सा जगत और विंध्य क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। जीवनभर नेत्र चिकित्सा सेवा को समर्पित रहे डॉ. जैन ने हजारों गरीब और जरूरतमंद लोगों को आंखों की रोशनी देकर उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई।

सेवा से बनाया पहचान

डॉ. बी.के. जैन लंबे समय तक श्री सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट और श्री सदगुरु नेत्र चिकित्सालय, जानकी कुंड से जुड़े रहे। उनके नेतृत्व और दूरदर्शिता के कारण यह संस्थान देश के प्रमुख नेत्र चिकित्सा केंद्रों में शामिल हुआ। उन्होंने चिकित्सा को केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनाया।

देश-विदेश में मिला सम्मान

नेत्र चिकित्सा और अंधत्व निवारण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. जैन को अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा गया। भारत सरकार ने उन्हें चिकित्सा सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया। इसके अलावा उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कार और लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड भी प्राप्त हुए।

हजारों लोगों ने किया स्मरण

महाप्रसाद कार्यक्रम में पहुंचे लोगों ने कहा कि डॉ. जैन का जीवन सेवा, करुणा और समर्पण की मिसाल था। उन्होंने गरीबों और असहायों के लिए जो कार्य किए, वह हमेशा समाज के लिए प्रेरणा बने रहेंगे। श्रद्धालुओं ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके दिखाए सेवा मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

परिवार आगे बढ़ा रहा सेवा की परंपरा

डॉ. जैन अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी ऊषा जैन सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। उनके छोटे पुत्र डॉ. इलेश जैन वर्तमान में श्री सदगुरु नेत्र चिकित्सालय के सीईओ के रूप में संस्थान की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और अपने पिता की सेवा परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
डॉ. बी.के. जैन भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी दी हुई रोशनी और सेवा की विरासत समाज को लंबे समय तक प्रेरित करती रहेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!