गंगा समग्र की प्रांतीय बैठक में उठा बांदा में अवैध खनन का मुद्दा
गंगा समग्र की प्रांतीय बैठक में उठा बांदा में अवैध खनन का मुद्दा

आर. बी. विश्वकर्मा
सह संपादक दमदार टीवी न्यूज
बांदा। रविवार को कानपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रांत कार्यालय में गंगा समग्र कानपुर प्रांत की प्रांतीय बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं गंगा समग्र के राष्ट्रीय संगठन मंत्री माननीय रामाशीष जी उपस्थित रहे।
बैठक में बांदा जनपद से जिला संयोजक महेश कुमार प्रजापति ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ पदाधिकारियों का मोती माला पहनाकर एवं गंगा मईया का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया।
बांदा में अवैध खनन पर जताई गंभीर चिंता
बैठक के दौरान महेश कुमार प्रजापति ने बांदा जनपद में हो रहे अवैध खनन के गंभीर मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि जनपद में वर्तमान स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, जहां खनन माफिया अवैध रूप से खनन कर प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर रहे हैं और नदियों का अस्तित्व खतरे में डाल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बांदा की जीवनदायिनी केन नदी का जलस्तर लगातार गिर रहा है और यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो वह दिन दूर नहीं जब केन नदी केवल यादों तक सीमित रह जाएगी।
प्रशासन की निष्क्रियता पर उठे सवाल
जिला संयोजक ने यह भी आरोप लगाया कि जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। उन्होंने कहा कि कई बार ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर अवैध खनन और भारी वाहनों के आवागमन का विरोध किया गया, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रशासन की यह चुप्पी खनन माफियाओं के हौसले को और बढ़ा रही है, जिससे क्षेत्र में पर्यावरण, सड़क मार्ग, जलीय जीव-जंतु एवं वनस्पतियों को भारी नुकसान हो रहा है।
जल्द कार्रवाई का मिला आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए बैठक में मौजूद वरिष्ठ पदाधिकारियों ने जिला संयोजक महेश कुमार प्रजापति को आश्वस्त किया कि इस विषय पर शीघ्र ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने माना कि यह मामला केन नदी के अस्तित्व और पर्यावरण संतुलन से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है।
कार्यक्रम में रही व्यापक सहभागिता
इस अवसर पर गंगा समग्र से जुड़े विभिन्न पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और नदी संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा को लेकर अपने विचार साझा किए।




