दैवीय आपदा से किसान की मौत
परिवार बेहाल — प्रशासन बेखबर, समाजवादियों ने संभाली जिम्मेदारी

आर. बी. विश्वकर्मा
सह संपादक दमदार टीवी न्यूज
बांदा। जनपद में दैवीय आपदा से एक गरीब किसान की मौत हो जाने के बाद भी प्रशासन की संवेदनहीनता सामने आई है। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद पीड़ित परिवार को अब तक कोई सरकारी सहायता नहीं मिल सकी है, जिससे व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं लोकसभा प्रभारी उमेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी कार्यकर्ताओं का दल तहसील नरैनी के ग्राम मोतियारी पहुंचा और मृतक उद्र प्रताप यादव के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मृतक की पत्नी को आर्थिक सहायता प्रदान कर मानवीय पहल का परिचय दिया।
खेत में ही हुई मौत, नहीं मिला तंत्र का साथ
बताया गया कि 49 वर्षीय उद्र प्रताप यादव कुछ दिन पहले सुबह अपने खेत पर गए थे। दैवीय आपदा से बर्बाद फसल को देखकर उन्हें गहरा सदमा लगा और वहीं पर उनकी मृत्यु हो गई। लेकिन इतनी बड़ी घटना के बाद भी प्रशासनिक अमला मौके पर सक्रिय नहीं दिखा।
चार बच्चों के भविष्य पर संकट
मृतक अपने पीछे दो बेटे और दो बेटियां छोड़ गए हैं। परिवार के पास मात्र आधा बीघा जमीन है और आय का कोई स्थायी साधन नहीं है। ऐसे में बच्चों के पालन-पोषण और भविष्य को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
सरकारी मदद अब तक शून्य
सबसे बड़ा सवाल यह है कि गरीब किसान की मौत के बाद भी अब तक परिवार को किसी प्रकार की सरकारी राहत या मुआवजा नहीं मिल सका है। क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
समाजवादियों ने उठाई जिम्मेदारी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए समाजवादी पार्टी के नेताओं ने आर्थिक सहयोग देते हुए परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया और प्रशासन से तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
इस मौके पर जिला मीडिया प्रभारी/प्रवक्ता प्रमोद गुप्ता ‘राजा’, प्रोफेसर सुनील यादव, राजेश सिंह, विपिन पटेल सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।




