कृषि विज्ञान केंद्र मझगवां में बरिहा कुम्हड़ा से पेठा बनाने का महिलाओं को प्रशिक्षण
प्रसंस्करण व मूल्यवर्धन के जरिए रोजगार सृजन की दिशा में 35 महिलाएं हुईं प्रशिक्षित

*कृषि विज्ञान केंद्र में बरिहा कुम्हड़ा से पेठा बनाने का महिलाओं को दिया गया प्रशिक्षण*
*बरिहा कुम्हड़ा का प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन करके रोजगार सृजन की दिशा में 35 महिलाओं को किया गया प्रशिक्षित*
- संवाददाता – अजय कुमार
चित्रकूट-मझगवां/ कृषि विज्ञान केंद्र मझगवां में सोमवार को दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा संचालित वीरशिरोमणि रानी दुर्गावती एफपीओ की 35 महिलाओं को रोजगार से जोड़ने हेतु संस्थान की मंशा के अनुरूप ग्रामीण स्तर पर उपलब्ध बहुतायत मात्रा में बरिहा कुम्हड़ा से पेठा बनाने का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया।
सर्वप्रथम भारत माता, दीनदयाल जी एवं नाना जी के चित्र पर दीपप्रज्वलन कर शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र मझगवां के प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ अखिलेश जागरे, एफ पी ओ प्रभारी डॉ पंकज शर्मा एवं खाद्य प्रसंस्करण के वैज्ञानिक डॉ हेमराज द्विवेदी उपस्थित रहे। डॉ जागरे ने बताया कि इस प्रशिक्षण से सीख कर अपने एफ पी ओ में पेठा बनाने का कार्य प्रारंभ करें जिससे आप की आय सृजन होगी।
डॉ पंकज शर्मा ने एफ पी ओ से जुडने के फायदे बताए। खाद्य प्रसंस्करण के वैज्ञानिक डॉ हेमराज द्विवेदी ने बताया कि ग्रामीण स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के आधार पर हम कैसे रोजगार सृजन कर सकते है साथ ही पेठा सिर्फ आगरा में नहीं अपितु हमारे सतना में आगरा से बेहतर पेठा बनाया जा सकता है।
हमारे ग्रामीण क्षेत्रों मे बहुतायत मात्रा में बरिहा कुम्हड़ा उपलब्ध है जिसके प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन के माध्यम से आप पेठा एवं बड़ी बनाने का कार्य प्रारंभ कर सकते है। पूरे दिन भर पेठा को कैसे बनाना है उसकी वैज्ञानिक तरीके से प्रशिक्षण कराया गया। इस अवसर पर एफ पी ओ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री वैष्णवी, पुनीत गौतम, राहुल ओझा एवं प्रेम कुमार का सराहनीय योगदान रहा।




