स्व० बाबू बालेश्वर लाल जी की 39वीं पुण्यतिथि पर उमड़ा पत्रकारों का सम्मान, अतर्रा में गरिमापूर्ण ढंग से मनाया गया “ग्रामीण पत्रकारिता दिवस”
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारों को किया गया सम्मानित, संगठन विस्तार और पत्रकार हितों पर लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

*स्व० बाबू बालेश्वर लाल जी की 39 वीं पुण्यतिथि “ग्रामीण पत्रकारिता दिवस” के रूप में मनाई गई*
अतर्रा (बांदा)। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश के संस्थापक स्व० बाबू बालेश्वर लाल जी की 39 वीं पुण्यतिथि बुधवार को तहसील इकाई अतर्रा द्वारा “ग्रामीण पत्रकारिता दिवस” के रूप में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन छेदीलाल इंटर कॉलेज, बदौसा रोड अतर्रा में तहसील अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक संतोष कुशवाहा तथा कार्यक्रम प्रभारी दिनेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार गिरिजा शरण तिवारी ने की। वहीं संचालन तहसील अध्यक्ष संतोष कुशवाहा ने किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ एवं युवा पत्रकारों ने स्व० बाबू बालेश्वर लाल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके पत्रकारिता जगत में योगदान को याद किया।
अध्यक्षीय संबोधन में वरिष्ठ पत्रकार गिरिजा शरण तिवारी ने कहा कि पत्रकारिता समाज को दिशा देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी हुकूमत के दौर में भी पत्रकारों ने “स्वराज” जैसी पत्रिकाओं के माध्यम से जनचेतना जगाने का कार्य किया और सत्ता के दमन के बावजूद सच लिखने का साहस दिखाया। उन्होंने कहा कि संगठन की ताकत आपसी सम्मान, अनुशासन और सीमाओं को समझने में है।
संरक्षक जगत नारायण शास्त्री ने कहा कि संगठन की मजबूती आपसी सामंजस्य, प्रेम और सम्मान से बढ़ती है। उन्होंने पत्रकारों से एकजुट रहने और नकारात्मक बातों से दूर रहकर संगठन हित में कार्य करने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार उमाकांत दीक्षित ने संगठन को मजबूत करने का संकल्प दोहराते हुए तहसील इकाई के सभी प्रस्तावों का समर्थन किया और पत्रकार हितों के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए तहसील अध्यक्ष संतोष कुशवाहा ने कहा कि स्व० बाबू बालेश्वर लाल जी ने वर्ष 1986 में ग्रामीण पत्रकारों की समस्याओं को समझते हुए ऐसा संगठन खड़ा किया, जिसने गांव और कस्बों में कार्य कर रहे पत्रकारों को एक मंच प्रदान किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पत्रकार ही जमीनी हकीकत को सामने लाता है और आम जनता की आवाज़ को शासन-प्रशासन तक पहुंचाता है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार लिखने का कार्य नहीं, बल्कि लोकतंत्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है।
कार्यक्रम में संगठन को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। इसमें तहसील स्तर पर संगठन विस्तार, थाना स्तर पर समितियों के गठन, पत्रकार उत्पीड़न के मामलों में संगठन को सूचना देकर सामूहिक कार्रवाई करने, जिला सम्मेलन में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने तथा संगठन विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पूर्व अध्यक्ष अवधेश शिवहरे की प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने का निर्णय शामिल रहा।
इस अवसर पर आनंद गुप्ता उर्फ नंद कुमार गुप्ता, तहसील महामंत्री प्रवीण कुमार द्विवेदी, अनूप कुमार, ओमप्रकाश गौतम, उपाध्यक्ष दिनेश कुमार गुप्ता, हरिओम बाजपेई, रामप्रकाश गुप्ता, कोषाध्यक्ष शरद कुमार, पप्पू गुप्ता, इंद्रजीत कुशवाहा, चंद्र किशोर, राममहेश त्रिपाठी, सचिन कुमार, शशीकांत राजन, महेश कुमार गुप्ता, अजय यादव, सीपी सरगम, श्रीराम गुप्ता, ज्ञानेंद्र कुमार सहित दो दर्जन से अधिक पत्रकार उपस्थित रहे।
अतर्रा (बांदा)। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश के संस्थापक स्व० बाबू बालेश्वर लाल जी की 39वीं पुण्यतिथि बुधवार को तहसील इकाई अतर्रा द्वारा “ग्रामीण पत्रकारिता दिवस” के रूप में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन छेदीलाल इंटर कॉलेज, बदौसा रोड अतर्रा में तहसील अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक संतोष कुशवाहा तथा कार्यक्रम प्रभारी दिनेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार गिरिजा शरण तिवारी ने की। वहीं संचालन तहसील अध्यक्ष संतोष कुशवाहा ने किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ एवं युवा पत्रकारों ने स्व० बाबू बालेश्वर लाल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके पत्रकारिता जगत में योगदान को याद किया।
अध्यक्षीय संबोधन में वरिष्ठ पत्रकार गिरिजा शरण तिवारी ने कहा कि पत्रकारिता समाज को दिशा देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी हुकूमत के दौर में भी पत्रकारों ने “स्वराज” जैसी पत्रिकाओं के माध्यम से जनचेतना जगाने का कार्य किया और सत्ता के दमन के बावजूद सच लिखने का साहस दिखाया। उन्होंने कहा कि संगठन की ताकत आपसी सम्मान, अनुशासन और सीमाओं को समझने में है।
संरक्षक जगत नारायण शास्त्री ने कहा कि संगठन की मजबूती आपसी सामंजस्य, प्रेम और सम्मान से बढ़ती है। उन्होंने पत्रकारों से एकजुट रहने और नकारात्मक बातों से दूर रहकर संगठन हित में कार्य करने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार उमाकांत दीक्षित ने संगठन को मजबूत करने का संकल्प दोहराते हुए तहसील इकाई के सभी प्रस्तावों का समर्थन किया और पत्रकार हितों के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए तहसील अध्यक्ष संतोष कुशवाहा ने कहा कि स्व० बाबू बालेश्वर लाल जी ने वर्ष 1986 में ग्रामीण पत्रकारों की समस्याओं को समझते हुए ऐसा संगठन खड़ा किया, जिसने गांव और कस्बों में कार्य कर रहे पत्रकारों को एक मंच प्रदान किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पत्रकार ही जमीनी हकीकत को सामने लाता है और आम जनता की आवाज़ को शासन-प्रशासन तक पहुंचाता है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार लिखने का कार्य नहीं, बल्कि लोकतंत्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है।
कार्यक्रम में संगठन को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। इसमें तहसील स्तर पर संगठन विस्तार, थाना स्तर पर समितियों के गठन, पत्रकार उत्पीड़न के मामलों में संगठन को सूचना देकर सामूहिक कार्रवाई करने, जिला सम्मेलन में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने तथा संगठन विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पूर्व अध्यक्ष अवधेश शिवहरे की प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने का निर्णय शामिल रहा।
कार्यक्रम में सभी पत्रकारों को संगठन की ओर से सम्मान पत्र, अंगवस्त्र और फूलमाला से सम्मानित भी किया गया।
इस अवसर पर संरक्षक जगतनारायण शास्त्री, गौरीशंकर गुप्ता, पूर्व तहसील अध्यक्ष एवं संरक्षक आनंद गुप्ता उर्फ नंद कुमार गुप्ता, सन्तोष कुशवाहा तहसील अध्यक्ष, तहसील महामंत्री प्रवीण कुमार द्विवेदी, अनूप कुमार, ओमप्रकाश गौतम, उपाध्यक्ष दिनेश कुमार गुप्ता, हरिओम बाजपेई, रामप्रकाश गुप्ता, कोषाध्यक्ष शरद कुमार, पप्पू गुप्ता, इंद्रजीत कुशवाहा, चंद्र किशोर, राममहेश त्रिपाठी, सचिन कुमार, शशीकांत राजन, महेश कुमार गुप्ता, अजय यादव, अरविंद कुमार, सीपी सरगम, श्रीराम गुप्ता, ज्ञानेंद्र कुमार सहित दो दर्जन से अधिक पत्रकार उपस्थित रहे।




